निचलौल (महराजगंज)। लगातार हो रही बारिश ने निचलौल की नवीन मंडी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। बारिश के बाद मंडी परिसर में जगह-जगह पानी जमा होने से पूरा परिसर तालाब जैसा नजर आने लगा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों, व्यापारियों और मंडी में आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी परिसर में जलभराव की स्थिति ऐसी है कि कई स्थानों पर सड़क और पानी के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया है। पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित है और किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, व्यापारियों के लिए भी सामान की आवाजाही चुनौती बनी हुई है।
जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल
बारिश के दिनों में हर वर्ष मंडी परिसर में जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से जिम्मेदार व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालियों की नियमित सफाई और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था हो, तो बारिश के बाद पैदा होने वाली इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
किसानों और कारोबारियों की बढ़ी मुश्किल
मंडी किसानों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में परिसर में पानी भरने से न केवल आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि कृषि उपज को सुरक्षित तरीके से लाने-ले जाने में भी परेशानी होती है। कीचड़ और जलभराव के कारण वाहन फंसने तथा फिसलने का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने मंडी परिसर में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने, नालियों की सफाई कराने और जलभराव वाले स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य कराने की मांग की है।
सवाल यह है कि हर बारिश में मंडी का यही हाल क्यों होता है? यदि मंडी जैसी महत्वपूर्ण जगह पर जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तो किसानों और व्यापारियों को होने वाली परेशानी का जिम्मेदार कौन होगा? अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को कब गंभीरता से लेते हैं और निचलौल नवीन मंडी को तालाबनुमा स्थिति से कब निजात मिलती है।
रिपोर्ट- आर०के० त्रिपाठी
RNews7
निचलौल की नवीन मंडी का तालाब जैसा हाल, जलभराव से कारोबारियों और किसानों की बढ़ी परेशानी
