मिशन शक्ति 6.0: भिटौली की बेटी प्रिया द्विवेदी बनीं एक दिन की जिलाधिकारी, जनसुनवाई कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

महराजगंज। बेटियों को सशक्त बनाने, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से रूबरू कराने की दिशा में महराजगंज जिला प्रशासन की एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत 15 अक्टूबर को भिटौली निवासी कक्षा 12 की छात्रा प्रिया द्विवेदी को एक दिन का जिलाधिकारी बनाया गया। जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर प्रिया ने न केवल जनसुनवाई की, बल्कि विभिन्न शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस पहल ने बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने के साथ ही महिला सशक्तिकरण का प्रभावशाली संदेश दिया।

महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रिया द्विवेदी ने जिलाधिकारी की भूमिका निभाते हुए आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में करीब 10 से 12 मामलों की सुनवाई की गई। इस दौरान उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी, गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जनसुनवाई में दिखी प्रशासनिक समझ, अधिकारियों को दिए निर्देश

एक दिन की जिलाधिकारी बनीं प्रिया द्विवेदी ने जनसमस्याओं को समझते हुए संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए। परसा गिदही निवासी कुसुमवती के अंश निर्धारण संबंधी प्रकरण में अनावश्यक विलंब का मामला सामने आने पर संबंधित हल्का लेखपाल को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में ग्राम पंचायत नेता सुरहुरवा में साफ-सफाई को लेकर मिली शिकायत पर जिला पंचायतराज अधिकारी को नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा गया। वहीं, सिसवा नगर पालिका क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर तहसीलदार निचलौल को प्रभावी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए गए।

इन मामलों की सुनवाई के जरिए प्रिया को यह समझने का अवसर मिला कि प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते समय शिकायतों को गंभीरता से सुनना, तथ्यों का आकलन करना और संबंधित विभागों से जवाबदेही के साथ कार्रवाई कराना कितना महत्वपूर्ण है।

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने किया मार्गदर्शन

जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने प्रिया द्विवेदी का लगातार मार्गदर्शन किया। उन्होंने छात्रा को बताया कि किसी शिकायत को सुनने के बाद उसके तथ्यों को समझना, संबंधित विभाग के कार्यालयाध्यक्ष को प्रकरण संदर्भित करना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका निस्तारण कराना प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जिलाधिकारी ने प्रिया को जिलास्तरीय अधिकारियों के अधिकारों, दायित्वों और प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य जनसमस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना और प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना है।

नवरात्रि में महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत शारदीय नवरात्रि के दौरान जिला प्रशासन की ओर से महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रतिदिन अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी पहल के तहत प्रिया द्विवेदी को एक दिन का जिलाधिकारी बनाया गया, ताकि बेटियां प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें और भविष्य में अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित हों।

उन्होंने बताया कि प्रिया कक्षा 12 में जीव विज्ञान की छात्रा हैं और भविष्य में नीट की तैयारी कर चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं। जिलाधिकारी ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वह नीट में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने परिवार और जनपद का नाम रोशन करेंगी।

‘डीएम बनकर गर्व महसूस हुआ’, प्रिया ने जताया आभार

एक दिन की जिलाधिकारी की भूमिका निभाने के बाद प्रिया द्विवेदी ने मीडिया से बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर जनसुनवाई करना उनके लिए गर्व और सीख से भरा अनुभव रहा। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक कार्यों को करीब से समझने तथा जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया जानने का अवसर मिला।

प्रिया ने बताया कि पूरी जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने उनका मार्गदर्शन किया और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने इस अवसर के लिए जिलाधिकारी और महिला कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ाना है अभियान का उद्देश्य

जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमानाथ राय ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां लगातार आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में प्रिया द्विवेदी को एक दिन का जिलाधिकारी बनाया गया।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बेटियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विभिन्न सरकारी विभागों की भूमिका से परिचित कराना, उनका मनोबल बढ़ाना तथा उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में अपने सपनों को साकार कर बेहतर उपलब्धियां हासिल कर सकें।

RNews7 निष्कर्ष: भिटौली की छात्रा प्रिया द्विवेदी का एक दिन का जिलाधिकारी बनना केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि बेटियों को बड़े सपने देखने और जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित करने का सार्थक प्रयास है। ऐसी पहलें छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने के साथ यह संदेश भी देती हैं कि अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर सकती हैं।

रिपोर्ट-आर०के०त्रिपाठी (RNews7)

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