कानपुर, उत्तर प्रदेश संवाददाता
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सचेंडी इलाके में एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी निलंबित दारोगा अमित मौर्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अब 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है। वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी दारोगा पुलिस की पकड़ से बाहर है।
क्या है पूरा मामला?
घटना बीते सोमवार की है, जब सचेंडी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। पीड़िता के अनुसार, उसे एक स्कॉर्पियो कार में सवार दो लोगों ने जबरन अगवा किया और झांसी रेलवे लाइन के पास ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की। इस घिनौने अपराध में शामिल आरोपियों की पहचान यूट्यूबर शिवबरन यादव और निलंबित दारोगा अमित मौर्य के रूप में हुई है।
पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब पुलिस की शुरुआती लापरवाही सामने आई। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर भीमसेन चौकी पहुंचे, तो उन्हें वहां से भगा दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कड़ा रुख अपनाया है:
- निलंबन और लाइन हाजिर: लापरवाही बरतने के आरोप में एसीपी पनकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह और भीमसेन चौकी प्रभारी को भी निलंबित किया गया है।
- इनाम की घोषणा: मुख्य आरोपी दारोगा अमित मौर्य, जो कि गोरखपुर का निवासी है, उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
- सुरक्षा व्यवस्था: पीड़िता की सुरक्षा के लिए उसके घर के बाहर 24 घंटे भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज हुए बयान
शुक्रवार को पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने आधे घंटे तक चली बयान प्रक्रिया में दोनों आरोपियों की हैवानियत का पूरा ब्यौरा दिया है। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष भी पेश किया गया।
आरोपी के परिजनों का पक्ष
वहीं दूसरी ओर, जेल भेजे गए दूसरे आरोपी शिवबरन की मां ने एक वीडियो जारी कर अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “अगर मेरा बेटा दोषी है तो उसे फांसी दे दी जाए, लेकिन किसी निर्दोष को न फंसाया जाए।”
पुलिस आयुक्त का बयान
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने स्पष्ट किया है कि “खाकी पर दाग लगाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। घटना की जांच जारी है और फरार दारोगा की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।”
कानपुर पुलिस अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है ताकि फरार दारोगा को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
