महराजगंज ब्यूरो: जिले के घुघली स्थित नगर सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक और कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, अभद्रता और छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। ऋण वसूली के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ की जा रही ‘दबंगी’ ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। यदि आप इस बैंक के उपभोक्ता हैं, तो यह रिपोर्ट आपके सम्मान और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य घटनाक्रम और गंभीर आरोप
- रिश्वत और जान से मारने की धमकी: तिवारी बाजार के एक स्थानीय व्यापारी ने शाखा प्रबंधक राकेश श्रीवास्तव पर आरोप लगाया है कि ऋण मामले को रफा-दफा करने के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई। किस्त में देरी होने पर बैंक मैनेजर ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि दुकान पर जाकर जान से मारने की धमकी भी दी।
- छेड़खानी और अभद्र मांग: मेदनीपुर निवासी एक व्यक्ति ने प्रबंधक पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी अनुपस्थिति में मैनेजर घर में घुस गया और महिला के साथ अभद्रता की। आरोप है कि मैनेजर ने यहां तक कह दिया, “यदि ऋण का मामला सुलझाना है, तो अपनी पत्नी को बैंक लेकर आओ।”
- बंधक बनाने की कार्यशैली: ऋण जमा में देरी होने पर उपभोक्ताओं को बैंक परिसर में बंधक बनाने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं।
कानूनी कार्रवाई और साक्ष्य
पीड़ितों ने अधिवक्ता के माध्यम से बैंक मैनेजर को कानूनी नोटिस भेजा है।
- ठोस साक्ष्य: पीड़ितों ने दावा किया है कि उनके पास मैनेजर की काली करतूतों की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।
- शिकायत की प्रतियां: नोटिस की प्रतियां जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और बैंकिंग लोकपाल को कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं।
- समय सीमा: नोटिस में 7 दिनों के भीतर माफी और हर्जाने की मांग की गई है, अन्यथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट और RBI के सख्त निर्देश
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अनुसार, ऋण वसूली के लिए कोई भी बैंक कर्मी:
- सुबह 9 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद विज़िट नहीं कर सकता।
- उपभोक्ता को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित या बंधक नहीं बना सकता।
- अश्लील टिप्पणी या सामाजिक रूप से अपमानित करने पर बैंक का लाइसेंस रद्द होने तक का प्रावधान है।
उपभोक्ताओं के लिए सहायता मार्गदर्शिका
चूंकि नगर सहकारी बैंक महराजगंज ‘अनुसूचित बैंक’ नहीं है, इसलिए उपभोक्ता इन रास्तों को अपनाएं:
- पुलिस FIR: अभद्रता या बंधक बनाने पर तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें और FIR दर्ज कराएं।
- प्रशासनिक शिकायत: भ्रष्टाचार और दबंगी की शिकायत रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, लखनऊ को भेजें।
- RBI को सूचना: बैंकिंग आचरण के उल्लंघन की रिपोर्ट शहरी बैंक विभाग, RBI मुंबई को करें।
कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, “ऋण लेना कोई अपराध नहीं है। बैंक को वसूली के लिए केवल कानूनी प्रक्रिया अपनाने का अधिकार है। भ्रष्टाचार और महिलाओं के साथ अभद्रता जैसे कृत्य माफी योग्य नहीं हैं। उपभोक्ताओं को साक्ष्य जुटाकर ऐसी तानाशाही के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।”
