बड़ी खबर: महराजगंज में न्याय के लिए जिलाधिकारी की चौखट पर दस्तक, गुण्डा एक्ट में फैसले की देरी पर ‘ट्रांसफर’ का दांव

महराजगंज | विशेष संवाददाता

​जनपद महराजगंज में प्रशासनिक न्याय प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक हाई-प्रोफाइल गुण्डा एक्ट मामले में न्याय मिलने में हो रही देरी के बाद, शिकायतकर्ता पक्ष ने जिलाधिकारी (DM) की अदालत में न्याय की गुहार लगाई थी।

23 संगीन मुकदमों का ‘काला इतिहास’

​इस मामले के केंद्र में संतोष वर्मा है, जिसका आपराधिक रिकॉर्ड चौंकाने वाला है। पुलिस और राजस्व अभिलेखों के अनुसार, आरोपी पर वर्ष 2016 से 2024 के बीच कुल 23 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जानलेवा हमला, लूट, गृह अत्याचार और दलित उत्पीड़न (SC/ST Act) जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। इतने व्यापक आपराधिक इतिहास के बावजूद मामले में हो रही प्रक्रियात्मक देरी अब चर्चा का विषय बन गई है।

धारा 451 BNSS के तहत ‘ट्रांसफर एप्लीकेशन’

​न्यायिक प्रक्रिया को गति देने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, जिलाधिकारी महराजगंज के समक्ष स्थानांतरण प्रार्थना पत्र (Transfer Application) दाखिल किया गया था। यह आवेदन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 451 के तहत दर्ज किया गया था, जो जिला मजिस्ट्रेट को यह शक्ति देती है कि वे न्याय के हित में किसी मामले को अपने पास मंगा सकें या उसे किसी अन्य सक्षम न्यायालय को हस्तांतरित कर सकें।

महत्वपूर्ण जानकारी:

  • वाद संख्या: 268/2026
  • न्यायालय: जिलाधिकारी, महराजगंज
  • वर्तमान स्थिति: प्रतीक्षा नोटिस तामीला
  • अगली सुनवाई: 25 फरवरी, 2026

प्रशासनिक हलकों में हलचल

​जिलाधिकारी न्यायालय ने इस प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब सबकी निगाहें 25 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। क्या जिलाधिकारी इस मामले को त्वरित निस्तारण के लिए हस्तांतरित करेंगे? यह फैसला जिले में अपराधियों के विरुद्ध चलने वाली दंडात्मक कार्यवाहियों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, महाराजगंज।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *