महराजगंज वन विभाग में बड़ा खेल? सेंचुरी वन के पेड़ों पर चल रहा ‘आरी’ का खेल, फारेस्ट गार्ड और तस्करों की मिलीभगत आई सामने

महराजगंज: जनपद के कोठीभार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फुलई बीट में वन संपदा की लूट का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जहाँ एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार फारेस्ट गार्ड ही सेंचुरी वन के कीमती पेड़ों की अवैध कटाई करवाकर तस्करों को लाभ पहुँचा रहे हैं।

​तस्करों और कर्मचारियों का ‘नेक्सस’

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, फुलई बीट में तैनात फारेस्ट गार्ड की सरपरस्ती में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही है। आरोप है कि गौरा निपानिया (सिसवा डीह) निवासी ‘विश्राम’ इन लकड़ियों की अवैध बिक्री का सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे गोरखधंधे में जंगल के रखवारे ‘सुखल’ की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जो कथित तौर पर फारेस्ट गार्ड और तस्करों के बीच कड़ी का काम करता है।

​रेंजर की कार्रवाई पर उठे सवाल: क्या हुई ‘सेटिंग’?

​जागरूक नागरिकों का कहना है कि जब इस मामले की सूचना रेंजर निचलौल को दी गई, तो उन्होंने मौके पर पहुँचकर अवैध लकड़ी बरामद भी की थी। लेकिन असली ड्रामा इसके बाद शुरू हुआ। आरोप है कि फारेस्ट गार्ड और रखवारे ने आपसी सांठगांठ कर पकड़ी गई असली लकड़ी को गायब कर दिया और उसके बदले कागजों पर दूसरी (कम कीमती) लकड़ी दिखाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

​वीडियो साक्ष्य से खुला भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा

​इस पूरी हेराफेरी का पुख्ता वीडियो प्रमाण भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि डीएफओ महराजगंज से शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। अब मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में लाने की तैयारी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वीडियो साक्ष्य की निष्पक्ष जाँच कराकर भ्रष्ट कर्मचारियों और तस्करों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाए।

 देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इन ‘वन-भक्षकों’ पर नकेल कस पाएगा या फिर कागजों में ही जाँच दबकर रह जाएगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *