महराजगंज: पूर्व विहिप पदाधिकारी की छवि धूमिल करने की साजिश, 23 मुकदमों वाले अपराधी पर जालसाजी का आरोप

महराजगंज : जनपद के कोठीभार थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामाजिक विद्वेष और साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नगर संयोजक और पूर्व जिला उपाध्यक्ष लवकुश पाण्डेय ने एक शातिर अपराधी के खिलाफ उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने और परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज कराई है।

​रंजिश के पीछे ‘गुंडा एक्ट’ की पैरवी

​प्रार्थी लवकुश पाण्डेय के अनुसार, ग्राम कटहरी खुर्द निवासी संतोष वर्मा (पुत्र रामचंद्र) एक अभ्यस्त अपराधी है, जिसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, SC/ST एक्ट और गुंडा एक्ट सहित कुल 23 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में जिलाधिकारी न्यायालय में संतोष वर्मा के खिलाफ चल रहे गुंडा एक्ट के मामले में लवकुश पाण्डेय सक्रिय रूप से पैरवी कर रहे हैं। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उन्हें सामाजिक रूप से बदनाम करने का षड्यंत्र रचा है।

​फर्जी साक्ष्य और सोशल मीडिया का दुरुपयोग

​आरोप है कि संतोष वर्मा ने लवकुश पाण्डेय का एक फर्जी ‘आपराधिक इतिहास’ तैयार किया और उसे व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया। इसमें उन मुकदमों का भी जिक्र किया गया है जिनमें पुलिस पहले ही क्लोजर रिपोर्ट (F.R.) लगा चुकी है। इतना ही नहीं, किसी अन्य व्यक्ति की ऑडियो रिकॉर्डिंग को प्रार्थी की आवाज बताकर प्रचारित किया जा रहा है ताकि उनकी छवि एक अपराधी के रूप में पेश की जा सके।

​जनेऊ संस्कार से पहले परिवार में तनाव

​लवकुश पाण्डेय ने पुलिस को बताया कि आगामी 15 दिनों में उनके पुत्र का यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार नियत है। इस शुभ अवसर पर रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजा जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचनाओं के कारण सगे-संबंधी और प्रतिष्ठित लोग घर आने से कतरा रहे हैं। इस सामाजिक बहिष्कार और अपमान से आहत होकर प्रार्थी की पत्नी गंभीर मानसिक तनाव में हैं।

​जान से मारने की धमकी

​शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संतोष वर्मा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रार्थी को जान से मारने की धमकी दे रहा है ताकि वह अदालत में चल रही पैरवी से पीछे हट जाएं।

​पुलिस से कार्रवाई की मांग

​लवकुश पाण्डेय ने थानाध्यक्ष कोठीभार को लिखित शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी संतोष वर्मा के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, आईटी एक्ट के उल्लंघन और आपराधिक धमकी के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। मामले में साक्ष्य के तौर पर विपक्षी का आपराधिक इतिहास और सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए गए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, महराजगंज।

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