निचलौल (महराजगंज)
महराजगंज जिले के निचलौल तहसील अंतर्गत ग्राम बढ़या के गेठियहवा टोले में एक 20 वर्षीय युवती का शव मिलने के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। आज सोमवार को अपर मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव, पूर्वी गोण्डा) श्री ए.पी. सिन्हा ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
क्या है पूरा मामला?
बीती 17 जनवरी 2026 को गेठियहवा टोले के पास सिंचाई बंधे के पूर्व में स्थित गन्ने के खेत में सैरून निशा (पुत्री आविद अली) का शव बरामद हुआ था। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तेंदुए या अन्य हिंसक वन्य जीव के हमले की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों का दौरा और ग्रामीणों को निर्देश
अपर मुख्य वन संरक्षक श्री सिन्हा ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को तेंदुए जैसे जंगली जानवरों से सुरक्षित रहने के तरीके बताए और अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी। वन विभाग द्वारा इलाके में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
वन विभाग की उच्च स्तरीय बैठक
निरीक्षण के पश्चात निचलौल वन विश्राम गृह में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी (सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग) श्री सुर्वे निरंजन राजेन्द्र सहित लक्ष्मीपुर, निचलौल, उत्तरी चौक और दक्षिणी चौक के क्षेत्रीय वन अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- क्षेत्र में गश्त (Patrolling) बढ़ाने के निर्देश।
- वन्य जीवों और मानव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा।
- वनकर्मियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण।
अपर मुख्य वन संरक्षक ने स्पष्ट किया कि वन्य जीवों से सुरक्षा सर्वोपरि है और विभाग स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
ब्यूरो रिपोर्ट, महराजगंज
