महराजगंज (निचलौल): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर महराजगंज जिले में साफ तौर पर देखने को मिला है। निचलौल तहसील के एक लेखपाल द्वारा किसान से ₹4000 की रिश्वत मांगे जाने का ऑडियो वायरल होने के बाद, प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, निचलौल तहसील के सबया हल्का में तैनात लेखपाल अंशुमान महतो पर एक काश्तकार (प्रमोद कुमार चौधरी) से ‘कुर्राफाट’ और ‘रंगाभेदी नक्शा’ तैयार करने के एवज में ₹4000 की अवैध मांग करने का आरोप लगा था। पीड़ित का कहना था कि सरकारी आदेश के बावजूद लेखपाल बिना सुविधा शुल्क के काम करने को तैयार नहीं थे।
इस भ्रष्टाचार के खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ित ने लेखपाल के साथ हुई बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया और न्याय की गुहार लगाई।
SDM की त्वरित कार्रवाई
मामला संज्ञान में आते ही निचलौल के उप जिलाधिकारी (SDM) सिद्धार्थ गुप्ता ने तत्परता दिखाई। उन्होंने पूरे प्रकरण की प्राथमिक जांच कराई और भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिलने पर लेखपाल अंशुमान महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
SDM सिद्धार्थ गुप्ता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
जनता में बढ़ा भरोसा
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में खुशी की लहर है। पीड़ित पक्ष ने मीडिया और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कड़े फैसलों से ही भ्रष्ट तंत्र पर लगाम लगेगी।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह हर शिकायत पर पारदर्शी जांच और कार्रवाई हो, तो आम जनता का सिस्टम पर विश्वास और मजबूत होती है
