महाराजगंज: उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि पर एक बार फिर दाग लगा है। महाराजगंज जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम (गोरखपुर) ने शनिवार को एक दरोगा को भारी भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार दरोगा की पहचान मो. अशरफ खान के रूप में हुई है, जो महाराजगंज कोतवाली में तैनात था। आरोप है कि अशरफ खान दहेज उत्पीड़न के एक मामले की जांच कर रहा था। केस को कमजोर करने और आरोपी पर लगाई गई धाराओं को हटाने के एवज में दरोगा ने 50 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता सइदुल्लाह (निवासी पकड़ी खुर्द) ने इस भ्रष्टाचार की सूचना गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम को दी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने दरोगा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक सुनियोजित योजना तैयार की।
स्वीट शॉप पर बिछाया गया जाल
योजना के मुताबिक, दरोगा को रिश्वत की रकम देने के लिए कोतवाली क्षेत्र स्थित ‘पवन स्वीट्स शॉप’ पर बुलाया गया। एंटी करप्शन टीम के सदस्य पहले से ही दुकान के भीतर आम ग्राहकों की तरह तैनात थे। जैसे ही दरोगा ने शिकायतकर्ता से नोटों की गड्डी थामी, वैसे ही टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पकड़े जाने पर दरोगा ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। टीम ने दरोगा के पास से रंगे हुए नोट बरामद कर लिए हैं, जो कोर्ट में ठोस सबूत के तौर पर पेश किए जाएंगे।
विभागीय कार्रवाई और संदेश
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी शिवमनोहर यादव ने बताया कि आरोपी दरोगा के खिलाफ थाना फरेन्दा में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।कल जेल भेज दिया जाएगा पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि आरोपी दरोगा 2019 बैच का सिपाही था जो बाद में दरोगा बना था।

गिरफ्तार दरोगा की फोटो
मुख्य बिंदु:
- आरोपी: दरोगा मो. अशरफ खान (निवासी गाजीपुर)।
- रिश्वत की राशि: ₹50,000 नकद।
- कारण: दहेज उत्पीड़न केस में धाराएं कम करने का प्रलोभन।
- टीम: एंटी करप्शन यूनिट, गोरखपुर।
यह घटना उन पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार का खेल खेल रहे हैं।
