महराजगंज जिले से साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले की साइबर सेल टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित व्यक्ति के साथ हुई 20 लाख रुपये की साइबर ठगी की पूरी रकम सुरक्षित वापस करा ली है।
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मुख्य बिंदु:
- घटना: विद्यापति गांव निवासी दुर्गेश पटेल के साथ तकनीकी झांसा देकर हुई थी 20 लाख की ठगी।
- कार्रवाई: एसपी सोमेन्द्र मीना के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने ‘गोल्डन ऑवर’ में की कार्रवाई।
- रिकवरी: ठगों के खातों को फ्रीज कर पूरी धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस भेजी गई।
विस्तार से:
खाते में पैसा लौटते ही पीड़ित के चेहरे पर लौटी मुस्कान
सदर कोतवाली क्षेत्र के विद्यापति गांव निवासी दुर्गेश पटेल पुत्र देवीशरण हाल ही में शातिर साइबर ठगों के जाल में फंस गए थे। ठगों ने विभिन्न प्रलोभनों और तकनीकी झांसे का इस्तेमाल कर दुर्गेश के खाते से करीब 20 लाख रुपये पार कर दिए थे। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने बिना देरी किए कोतवाली पुलिस की साइबर सेल को मामले की सूचना दी।
पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और त्वरित एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमेन्द्र मीना ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। साइबर सेल ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों की मदद से उन संदिग्ध बैंक खातों का पीछा किया जहां पैसा ट्रांसफर किया गया था। टीम ने विभिन्न पेमेंट गेटवे को ब्लॉक कराया और संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारियों से संपर्क साधकर समय रहते फ्रॉड खातों को ‘फ्रीज’ करा दिया।
जनता के लिए अपील: ‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व
एसपी सोमेन्द्र मीना ने बताया कि जिला पुलिस साइबर अपराधों के प्रति बेहद सख्त है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि:
”यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तत्काल 1930 नंबर पर कॉल करें। शुरुआती ‘गोल्डन ऑवर’ (ठगी के तुरंत बाद का समय) में दी गई सूचना से धन वापसी की संभावना शत-प्रतिशत रहती है।”
गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में महराजगंज पुलिस ने विभिन्न पीड़ितों के करीब 1 करोड़ रुपये वापस कराने में सफलता हासिल की है। दुर्गेश पटेल ने अपनी पूरी जमा पूंजी वापस मिलने पर एसपी और पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है
