महराजगंज। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मासूम और भोले-भाले ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का झांसा देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी पड़ोसी जिले गोरखपुर के निवासी बताए जा रहे हैं।
योजना के नाम पर ऐसे रचते थे साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं (जैसे आवास योजना, पेंशन या किसान सम्मान निधि) का लाभ दिलाने का प्रलोभन देते थे। इस बहाने वे ग्रामीणों का विश्वास जीतकर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवा लेते थे। एक बार खाता खुल जाने के बाद, आरोपी उन खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक अपने पास रख लेते थे और उनका इस्तेमाल देशभर में की जा रही साइबर ठगी की रकम को ‘रूट’ करने (मंगाने) के लिए करते थे।
भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त भारी सामग्री बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
- बड़ी संख्या में बैंक पासबुक और संबंधित दस्तावेज
- विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड
- अवैध रूप से प्राप्त किए गए सिम कार्ड
- कई मोबाइल फोन, जिनका उपयोग ठगी के नेटवर्क को चलाने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
महराजगंज पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी करने के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि:
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी पहचान के दस्तावेज (आधार, पैन कार्ड) न दें।
- सरकारी योजनाओं के नाम पर किसी के बहकावे में आकर बैंक खाते न खुलवाएं।
- अपने बैंक खाते का एक्सेस, पासवर्ड या एटीएम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को न सौंपें।
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुटी है ताकि इस संगठित अपराध की जड़ तक पहुंचा जा सके।
