
जिले में अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने रविवार को ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रशासन की संयुक्त टीम ने सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और अवैध परिवहन के मामले में 9 डंपर ट्रकों को रंगे हाथों पकड़कर सीज कर दिया है।
विस्तृत रिपोर्ट
महाराजगंज प्रशासन को पिछले काफी समय से क्षेत्र में अवैध खनन और सरकारी संपत्तियों के अवैध दोहन की शिकायतें मिल रही थीं। ताजा मामला कुशीनगर जिले की नहरों से जुड़ा है, जहाँ से अवैध रूप से ‘नहर की सिल्ट’ (मिट्टी) को ढोया जा रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर प्रशासनिक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की। इस दौरान नहर की सिल्ट से लदे 9 भारी डंपर ट्रकों को रोका गया। जब ट्रक चालक परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज और अनुमति पत्र दिखाने में विफल रहे, तो प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी वाहनों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया।
प्रशासनिक रुख
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल वाहनों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे शामिल सिंडिकेट की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग करने वालों और अवैध खनन में लिप्त लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रमुख बिंदु:
- पकड़े गए वाहन: 9 डंपर ट्रक (सिल्ट से लदे हुए)।
- स्थान: महाराजगंज क्षेत्र (कुशीनगर सीमा से जुड़ा हिस्सा)।
- आरोप: अवैध खनन और सरकारी संपत्ति (नहर की सिल्ट) का अवैध परिवहन।
- कार्रवाई: सभी वाहनों को सीज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
क्षेत्र में प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से खनन माफियाओं और अवैध परिवहनकर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
