विदेशी यात्रा और रोजगार के लिए पासपोर्ट बनवाने की इच्छा रखने वाले पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कुशीनगर में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र की शुरुआत हो गई है, जिससे अब देवरिया और महराजगंज समेत आसपास के जिलों के निवासियों को पासपोर्ट बनवाने के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
लंबी मशक्कत से मुक्ति
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गोरखपुर पर भीड़ और दबाव कम करने के उद्देश्य से यह केंद्र 4 अप्रैल 2025 से सक्रिय हो गया है। इससे पहले, इन जिलों के आवेदकों को पासपोर्ट सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए बार-बार गोरखपुर का चक्कर लगाना पड़ता था। अत्यधिक भीड़ के कारण अक्सर उन्हें महीनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।
खाड़ी देशों के लिए वरदान
कुशीनगर और इसके पड़ोसी जिलों का बड़ा हिस्सा कृषि प्रधान है, जहाँ बड़े उद्योगों और स्थानीय रोजगार के साधनों का अभाव है। यही कारण है कि यहाँ की बड़ी आबादी, विशेष रूप से युवा, बेहतर आजीविका की तलाश में खाड़ी देशों सहित विदेशों का रुख करते हैं। पासपोर्ट बनवाना उनके लिए पहली और सबसे बड़ी बाधा हुआ करता था।
इस केंद्र के शुरू होने से इन श्रमिकों और विदेश जाने के इच्छुक अन्य लोगों को बड़ी राहत मिली है। अब, उन्हें न केवल अपनी यात्रा को लेकर सुविधा मिली है, बल्कि पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
तेज हुई पासपोर्ट सेवा
डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद अब सत्यापन प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू हो रही है, और आवेदकों को मात्र 15 से 20 दिनों के भीतर ही पासपोर्ट जारी किया जा रहा है। इस तेजी और सुविधा से स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है। पड़ोसी राज्य बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग भी इस नए केंद्र का लाभ उठा रहे हैं, जिससे अब उन्हें दस्तावेज सत्यापन के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है।

