
पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पारिवारिक विवाद से जुड़े एक अहम मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उनकी पत्नी भानवी कुमारी सिंह को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने भानवी सिंह के खिलाफ चल रही मानहानि के एक आपराधिक मामले की कार्यवाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति सौरभ लावनिया की एकल पीठ ने भानवी कुमारी सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने मानहानि का केस दर्ज कराने वाली भानवी की बहन साध्वी सिंह और राजा भैया को भी नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद राजा भैया द्वारा 14 नवंबर 2022 को अपनी पत्नी भानवी सिंह के खिलाफ दायर तलाक की याचिका से जुड़ा है। भानवी सिंह ने इस याचिका का जवाब दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने कुछ ऐसे बयान दिए थे, जिन्हें उनकी बहन साध्वी सिंह ने मानहानिकारक बताते हुए 4 सितंबर 2023 को हजरतगंज कोतवाली में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी थी। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) अदालत ने संज्ञान लेते हुए भानवी सिंह को समन जारी किया था।
भानवी सिंह ने इसी आपराधिक कार्यवाही को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनके वकील ने तर्क दिया कि कथित अपराधों की प्रकृति को देखते हुए मजिस्ट्रेट के समक्ष केवल एक निजी शिकायत दर्ज की जा सकती थी, न कि पुलिस एफआईआर और जांच की अनुमति दी जा सकती थी।
कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए यह संज्ञान लिया कि विवाद दो सगी बहनों के बीच का है। अदालत ने टिप्पणी की कि इस विवाद को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है और इस पर विचार करने की आवश्यकता है।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता और विवाद की प्रकृति को देखते हुए अगले आदेश तक भानवी कुमारी सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
