भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग का एक अभूतपूर्व और गंभीर मामला सामने आया है। देश के सर्वोच्च न्यायालय को उस समय स्तब्ध कर दिया गया जब एक वादी ने यह स्वीकार किया कि उसने AI टूल का इस्तेमाल कर अपनी कानूनी जवाबदेही तैयार की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय में सैकड़ों मनगढ़ंत और अस्तित्वहीन न्यायिक मिसालों (Case Laws) का हवाला दिया गया।
मामले की सुनवाई और फर्जीवाड़े का खुलासा
यह मामला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था। यह विवाद ‘ओमकारा एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘गुस्ताद होटल्स प्राइवेट लिमिटेड’ के बीच चल रहा था।
सुनवाई के दौरान, ओमकारा एसेट्स की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने पीठ का ध्यान इस गंभीर अनियमितता की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि दूसरे पक्ष (गुस्ताद होटल्स) द्वारा दायर प्रत्युत्तर (rejoinder) में संदर्भित न्यायिक मिसालें पूरी तरह से काल्पनिक हैं और किसी भी न्यायिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं हैं। अधिवक्ता ने इसे मात्र तकनीकी चूक मानने के बजाय “केस कानूनों का निर्माण और कानूनी बिंदुओं की मनगढ़ंत रचना” करार दिया।
वादी पक्ष की शर्मिंदगी और माफी
फर्जीवाड़े का स्पष्ट खुलासा होने पर, दोषी पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष अपनी घोर शर्मिंदगी व्यक्त की। उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक भयानक त्रुटि थी।
अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड (AoR) द्वारा दायर एक हलफनामे को पढ़ते हुए, यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित जवाब वादी के मार्गदर्शन में तैयार किया गया था, जिसने AI उपकरणों का उपयोग किया था। कानूनी टीम ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए न्यायालय से दूषित जवाब को तत्काल वापस लेने की अनुमति मांगी और भविष्य में ऐसी चूक न होने का पूर्ण आश्वासन दिया।
न्यायालय ने जताई गंभीर चिंता
सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया और टिप्पणी की कि वे इसे केवल नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने ‘AI हेलोसिनेशन’ खतरे पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां न्यायाधीश प्रतिदिन 70 से 80 मामलों की सुनवाई करते हैं, ऐसे में प्रत्येक उद्धरण की मैन्युअल जांच करना लगभग असंभव है। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय अनजाने में “AI-जनित झूठ” पर भरोसा कर लेता है, तो यह न्यायिक प्रणाली की सत्यता और विश्वसनीयता के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा।

