
देवरिया: विवादों में घिरे रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी और ‘आज़ाद अधिकार सेना’ के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को लखनऊ पुलिस ने मंगलवार देर रात एक नाटकीय घटनाक्रम में गिरफ्तार कर लिया। उन्हें लखनऊ से दिल्ली जा रही ट्रेन से शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया और बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच देवरिया लाया गया, जहां कोतवाली को पूछताछ के लिए ‘पुलिस छावनी’ में बदल दिया गया।
आधी रात को ‘फिल्मी स्टाइल’ में गिरफ्तारी
यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी उस समय हुई जब अमिताभ ठाकुर ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रहे थे। रात करीब 1:50 बजे सादी वर्दी में पुलिस टीम ट्रेन में दाखिल हुई और उन्हें हिरासत में ले लिया। उनकी पत्नी, नूतन ठाकुर ने शुरू में इसे अपहरण की घटना समझा, जब फोन पर संपर्क टूटा। हालांकि, बुधवार सुबह लखनऊ पुलिस ने पुष्टि की कि ठाकुर को 1999 के एक 26 साल पुराने भूमि फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार किया गया है।
कोतवाली में दो घंटे चली सघन पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद लखनऊ पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) अमिताभ ठाकुर को लेकर बुधवार की सुबह देवरिया सदर कोतवाली पहुँची। कोतवाली को सुबह से ही अभेद्य किला बना दिया गया था। किसी भी बाहरी व्यक्ति, यहाँ तक कि पत्रकारों के प्रवेश पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। लगभग दो घंटे तक चली सघन पूछताछ के बाद पुलिस टीम उन्हें लेकर अज्ञात स्थान के लिए रवाना हो गई।
क्या है 26 साल पुराना धोखाधड़ी का मामला?
अमिताभ ठाकुर पर यह कार्रवाई लखनऊ के तालकटोरा निवासी संजय शर्मा की शिकायत पर दर्ज हुई FIR के आधार पर की गई है। मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
- पद का दुरुपयोग: आरोप है कि 1999 में जब अमिताभ ठाकुर देवरिया के पुलिस अधीक्षक (SP) थे, तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया।
- फर्जी दस्तावेज: उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लॉट (B-2) लेते समय दस्तावेजों में अपना नाम नूतन देवी और पति का नाम अभिजात ठाकुर/अभिताप ठाकुर दर्ज कराया।
- फर्जी पता: दस्तावेज़ों में पता भी लखनऊ के बजाय बिहार के सीतामढ़ी जिले का दर्शाया गया।
- सरकारी विभागों को धोखा: आरोप है कि बाद में इसी संपत्ति को वास्तविक नाम और पते के आधार पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पूरे लेन-देन में सरकारी विभागों, बैंकों और राज्य सरकार को धोखे में रखा गया।
कोर्ट में भारी ड्रामा, अधिकारी साध रहे चुप्पी
पूछताछ के बाद पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले गई और देर शाम उन्हें देवरिया की सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान भी न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। कोर्ट जाते समय अमिताभ ठाकुर ने मीडिया से कहा, “मैं कोर्ट से अपने प्राणों की रक्षा की गुहार लगाऊंगा।”
हालांकि, जिले के आला पुलिस अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। देवरिया के पुलिस अधीक्षक (SP) ने इस गिरफ्तारी पर कोई भी आधिकारिक जानकारी होने से इनकार कर दिया, जिससे पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है।
