
उत्तर प्रदेश। शामली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित निबंधक कार्यालय में मंगलवार को मेरठ विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एआईजी स्टांप और उनके सहायक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
क्या है मामला?
मेरठ से पहुंची 12 सदस्यीय विजिलेंस टीम ने यह कार्रवाई एक किसान की शिकायत पर की। जानकारी के अनुसार, बधेव निवासी एक किसान ने जमीन खरीदी थी और जमीन की जांच प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर एआईजी स्टांप रविंद्र मेहता और उनके सहायक अश्वनी कुमार द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। किसान की शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया।
रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
दोपहर बाद सीओ विजिलेंस आजाद सिंह के नेतृत्व में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा और दोनों अधिकारियों को रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद, दोनों आरोपियों—रविंद्र मेहता और अश्वनी कुमार—को आदर्श मंडी थाने ले जाया गया।
आगे की कार्रवाई
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से थाने में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर गहन पूछताछ जारी है और मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आवश्यक धाराओं के तहत शीघ्र ही मुकदमा दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया है।
