
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मोहम्मद आज़म खान और उनके विधायक पुत्र अब्दुल्ला आज़म की कानूनी मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। “दो पैन कार्ड” मामले में निचली अदालत से सात साल की सज़ा मिलने के बाद अब अभियोजन पक्ष ने सज़ा की अवधि को और बढ़वाने के लिए मुरादाबाद की सेशन कोर्ट का रुख किया है।
मुख्य घटनाक्रम:
सज़ा बढ़ाने की मांग: अभियोजन पक्ष ने एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दी गई सात साल की सज़ा को अपर्याप्त मानते हुए, इसे बढ़ाने के लिए सेशन कोर्ट में अपील दायर की है।
दोषियों की अपील: दूसरी ओर, आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म के अधिवक्ताओं ने भी निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की है। साथ ही, उन्होंने ज़मानत के लिए भी प्रार्थना पत्र दिया है।
सुनवाई की तारीख: सेशन कोर्ट इन दोनों ही याचिकाओं—अभियोजन पक्ष की सज़ा बढ़ाने की मांग और बचाव पक्ष की सज़ा में राहत की मांग—पर 23 दिसंबर को सुनवाई कर अपना फ़ैसला सुना सकती है।
अब्दुल्ला को दूसरा झटका: इसी बीच, पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म को शुक्रवार को “दो पासपोर्ट” मामले में भी एक और बड़ा झटका लगा। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें इस मामले में भी सात साल की कैद और ₹50,000 जुर्माने की सज़ा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा के अनुसार, अभियोजन की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में निचली अदालत के सात साल के कारावास के आदेश को और बढ़ाने की मांग की गई है।
