अयोध्या में पीएम मोदी के आगमन से पहले तैयार किया गया सुरक्षा घेरा: राम मंदिर के आसपास गेस्ट हाउस बुकिंग रद्द, रामपथ पर आवागमन प्रतिबंधित
अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले पुलिस प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत राम मंदिर क्षेत्र के आसपास स्थित गेस्ट हाउसों में आम श्रद्धालुओं की 24 और 25 नवंबर की बुकिंग रद्द करने का आदेश दिया गया है। केवल आमंत्रित अतिथियों के लिए किए गए आरक्षण ही मान्य होंगे।
उच्च स्तरीय सुरक्षा आदेशों के पालन में गेस्ट हाउस, होम स्टे और आश्रमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मंदिर परिसर के 200 मीटर के भीतर आम भक्तों की बुकिंग स्वीकार न करें। प्रशासन का कहना है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसी क्रम में राम पथ पर 25 नवंबर की सुबह 6 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान न केवल वाहनों बल्कि आम पैदल यात्रियों का प्रवेश भी बंद होगा। केवल चिन्हित आमंत्रित अतिथियों के वाहन ही इस मार्ग से गुजर सकेंगे। दोपहर बाद पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोला जाएगा, लेकिन दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए प्रतिबंध बरकरार रहेगा।
इस अवधि में कनक भवन, दशरथ महल, जानकी महल, रंगमहल सहित विभिन्न मंदिरों में भगवान राम और उनके अनुजों की परंपरागत शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी। इन आयोजनों के कारण भी राम पथ पर वाहनों का संचालन रोक दिया गया है, ताकि भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों में किसी प्रकार का व्यवधान न हो।
इसी बीच, तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ध्वजारोहण समारोह में आने वाले अतिथियों के लिए सात स्थानों पर आठ बड़े भोजनालय स्थापित किए हैं। इन भोजनालयों में देशभर के भक्त संगठनों के सहयोग से जलपान और भोजन की मुफ्त व्यवस्था की जाएगी। कारसेवकपुर, रामसेवकपुरम, कनक महल, अंगद टीला, तीर्थक्षेत्रपुरम्, तीर्थक्षेत्र भवन और कार्यशाला जैसे प्रमुख स्थानों पर 800 से 2500 लोगों की क्षमता वाले भोजनालय संचालित होंगे।
सीता रसोई के संचालक और वीएचपी के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि अमृतसर दुर्ग्याना मंदिर, कटरा हनुमान मंदिर, लखनऊ और हरियाणा के सेवा समूह भी इस व्यवस्था में शामिल हैं। भोजनालयों से अतिथियों को गोल्फ कोर्स मार्ग से सीधे कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाएगा।
