राशन कार्ड से नाम काटकर वसूली का खेल , पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर उठे सवाल

महराजगंज में राशन कार्ड के नाम पर वसूली का खेल, बहाली के लिए मांगे जा रहे 700 से 1000 रुपये।

राशन कार्ड से नाम काटकर वसूली का खेल , पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर उठे सवाल

 

 

 

रायबरेली।पूर्ति निरीक्षक कार्यालय महराजगंज में पिछले करीब छह महीनों से गरीबों के राशन कार्ड काटने और दोबारा बनाने के नाम पर अवैध वसूली और लूट का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। पात्र गृहस्थी के गरीब लाभार्थियों का राशन कार्ड यह कहकर काट दिया जाता है कि ‘पोर्टल पर आपकी सालाना आय दो लाख रुपये से अधिक दिख रही है’, जबकि हकीकत में इन कार्ड धारकों की वास्तविक आय एक लाख रुपये भी नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, राशन कार्ड कटने के बाद जब पीड़ित परिवार दफ्तर के चक्कर काटते हैं, तो वहां दलाल और एजेंट सक्रिय हो जाते हैं। कार्ड को दोबारा चालू करने या नया बनवाने के नाम पर प्रति आवेदक 700 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक की खुली वसूली की जा रही है।

क्षेत्र के कई गांवों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं

जिसमें कैर गांव की ज्ञानवती, नरायपुर की पूनम, अशोक सिंह, सीवन की अनीता सिंह और रुद्र नगर के सीताराम ये सभी ऐसे पीड़ित हैं जिन्हें पहले पोर्टल का बहाना बनाकर अपात्र घोषित किया गया और फिर कार्ड बहाली के नाम पर रुपयों की मांग की गई।
ताजा मामला बुधवार को कस्बे के पैगम्बर नगर से सामने आया है। यहाँ की एक महिला आवेदिका किरन मोदनवाल के बेटे प्रवीन कुमार मोदनवाल ने स्थानीय कोटेदार के बेटे सलमान पर सीधा आरोप लगाया है। प्रवीन के मुताबिक, उन्होंने राशन कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद कोटेदार जिया-उल-हक के बेटे सलमान ने कार्ड पास कराने और बनवाने के एवज में उनसे 700 रुपये की मांग की। इस धांधली और अवैध वसूली से तंग आकर आवेदिका के बेटे ने सीधे पूर्ति निरीक्षक से मामले की लिखित शिकायत की है।
इस पूरे मामले और वसूली के खेल पर जब पूर्ति निरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय से बात की गई, तो उन्होंने कहा राशन कार्ड बनवाने या कटने के बाद दोबारा बहाल करने के लिए सरकार की तरफ से कोई शुल्क नहीं है, यह पूरी तरह नि:शुल्क है। किसी भी आवेदक से पैसा नहीं लिया जाता। पैगम्बर नगर और अन्य मामलों की शिकायत मिली है। यदि कार्यालय के नाम पर या कोटेदार के स्तर से पैसे मांगने की बात सच पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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